रविवार, 27 अक्तूबर 2013

उक्ति - 21

गाय, बैल एवं किसान की पूजा-अर्चना सबसे पहले होनी चाहिए क्‍योंकि ये मनुष्‍य जीवन के मुख्‍य आधार हैं।

गुरुवार, 17 अक्तूबर 2013

उक्ति - 20


मानवीय सम्‍बन्‍धों की अन्‍तर्जटिलताओं व अन्‍तर्विरोधों से पीड़ित संवदेनशील व्‍यक्ति मृत्‍यु से पूर्व यदि किसी के प्रति घनघोर रुप से आसक्‍त होता है तो यह है 'प्रकृति' और दुर्भाग्‍य से इसी को मानवजाति नष्‍ट करने पर तुली हुई है।

मंगलवार, 15 अक्तूबर 2013

उक्ति - 19

सही-गलत बात का निर्णय करने के लिए जिस 'सन्‍चेतन हृदय' और 'प्रखर मस्तिष्‍क' की आवश्‍यकता होती है, वह एक 'सच्‍चे' सन्‍त के पास ही हो सकता है।

गुरुवार, 10 अक्तूबर 2013

उक्ति - 18



जीवन एवं मृत्‍यु संसार के दो सबसे बड़े सच हैं। जीवन में हमेशा इससे अवगत रहना चाहिए। यह जीते जी ही अनुभव किया जा सकता है। दुर्भाग्‍य से अधिकांश मानव मौत से ठीक पूर्व ही ये समझ पाते हैं और इसी कारण संसार में अशान्ति है।   

शनिवार, 5 अक्तूबर 2013

उक्ति - 17

नैतिक विचारों के व्‍यावहारिक एकीकरण से ही वर्ग-विभेद, सामाजिक मतभेद मिटाए जा सकते हैं।

गुरुवार, 3 अक्तूबर 2013

उक्ति - 16

नई विचारशक्ति प्राप्‍त करने के लिए मनुष्‍य को समस्‍त पूर्वाग्रहों को आंख मूंद कर स्‍वीकार करने के बजाय इनका व्‍यापक अध्‍ययन, विश्‍लेषण और विवेचन करना चाहिए।