रविवार, 22 दिसंबर 2013

उक्ति - 25

ईश्‍वर का होना या न होना भक्ति की शक्ति ही तय करती है।





सोमवार, 2 दिसंबर 2013

उक्ति - 24

अपराध एक व्‍यक्ति करता है और अपराध निरोध कानून सबके लिए बन जाता है। जो व्‍यक्ति जीवनभर किसी वाद-विवाद तक में नहीं पड़ा हो वो अपने ऊपर अपराधरोधी कानून और इसकी चाही-अनचाही प्रक्रियाओं का बोझ कैसे सह सकता है? क्‍या लोकतन्‍त्र में ऐसा होना चाहिए?