रविवार, 23 मार्च 2014

उक्ति - 42

हमारा जीवन जिस धुरी में घूमता है, हमें उसे रचनेवाले का सम्‍मान तो करना ही पड़ेगा। और अगर यह भगवान है तो उस तक पहुंचने के लिए धार्मिक भी बनना ही पड़ेगा।

9 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर विचार सरणी।

    महादेव हर हर ,

    मोदी घर घर।

    कुछ के लिए रावण ,

    कुछ को महादेव मोदी ,

    सियासत का हर रंग मोदी।

    बाहर मोदी भीतर मोदी ,

    अंतरमन के तार में मोदी ,

    भारत के कण कण में मोदी।

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  2. यथार्थ का प्रतिबिम्बन करती करवाती पोस्ट !

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