बुधवार, 18 जून 2014

उक्ति - 49

जिस प्रकार मूर्ख की गम्‍भीरता उसे सम्‍माननीय बना सकती है, उसी प्रकार विद्वान की अति विनोदप्रियता उसे असम्‍माननीय बना सकती है।

सोमवार, 2 जून 2014

उक्ति - 48

चारित्रिक पतन मनुष्‍य को इस योग्‍य भी नहीं छोड़ता कि वह रात को यह याद रख सके कि उसने सुबह कलेवा में क्‍या खाया था।