गुरुवार, 26 फ़रवरी 2015

उक्ति - 59

क्‍या आज कोई ऐसा मनुष्‍य है, जिसे याद रहे कि वह मनुष्‍य है? यदि सच में ऐसा कोई मनुष्‍य कहीं है, तो वह इस मशीनी समय में भगवान के समान है।

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