रविवार, 21 जून 2015

उक्ति - 61

आज वैश्विक समस्‍याएं इसलिए हैं कि अधिकांश देशी-विदेशी नेतृत्‍वकर्ता व्‍यसनों की दिनचर्या को बौदि्धक वृदि्ध का एक सरल मार्ग मान बैठे हैं। जबकि गहन जीवन सूत्र कहते हैं कि व्‍यसनों में लिप्‍त व्‍यक्ति केवल आदेश मानने योग्‍य ही हो सकता है, ना कि नीतियां बनाने और आदेश देनेवाला।

2 टिप्‍पणियां:

  1. विकेश वडोला जी एक दम से मौज़ू ,वर्तमान संदर्भिक बात कही है।

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  2. विकेश वडोला जी एक दम से मौज़ू ,वर्तमान संदर्भिक बात कही है।

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