गुरुवार, 20 अगस्त 2015

उक्ति - 62

कुछ और बनने से पहले हम एक 'नैसर्गिक मनुष्‍य' बनेंगे, तो बात बनेगी और जिन्‍दगी संबंधों की कड़ुवाहट से बाहर निकल आएगी।

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