गुरुवार, 26 फ़रवरी 2015

उक्ति - 59

क्‍या आज कोई ऐसा मनुष्‍य है, जिसे याद रहे कि वह मनुष्‍य है? यदि सच में ऐसा कोई मनुष्‍य कहीं है, तो वह इस मशीनी समय में भगवान के समान है।

सोमवार, 23 फ़रवरी 2015

गुरुवार, 12 फ़रवरी 2015

उक्ति - 57

ब्रह्मचर्य सिद्ध करने की बात निरर्थक है क्‍योंकि ब्रह्मचारी को तो अबोध शिशु भी पहचान लेता है।